कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के सरकारी बस मालिकों को चेतावनी देते हुए स्पष्ट कर दिया कि बुधवार तक अगर कोलकाता समेत राजभर की सड़कों पर प्राइवेट बसें नहीं उतरीं, तो गुरुवार से सरकार उन बसों को उठाकर ड्राइवर रखकर चलवाएगी। मंगलवार को राज्य सचिवालय नवान्न में मीडिया से मुखातिब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि कोरोना की वजह से लोग पहले से ही मुश्किल में हैं। सरकारी और निजी दफ्तर खुल गए हैं। लोगों को दफ्तर जाना है लेकिन बस मालिक किराया बढ़ोतरी की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है इसलिए किराया बढ़ना चाहिए। ठीक है कि डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है और मैं इसका समर्थन नहीं करती हूं, लेकिन अगर डीजल की कीमत बढ़ने पर किराया बढ़े तो कीमत घटने पर किराया घटना भी चाहिए।
सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने प्राइवेट बस मालिकों को 15000 रुपये का मासिक भुगतान करने की घोषणा पहले ही कर दी है। अब बस मालिकों के संगठन ईगो की लड़ाई लड़ रहे हैं जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोगों के हित में सरकार ठोस कदम उठाएगी। बुधवार तक मैं देखूंगी। मुझे उम्मीद है कि कोलकाता में सभी 6000 बसें सड़कों पर उतर जाएंगी। अगर ऐसा नहीं हुआ तो गुरुवार से सरकार उन बसों को अपने अधीन कर लेगी और चालक रखकर बस चलवाएगी। अगर बस मालिक सरकार का आदेश नहीं मानते हैं तो उनके खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई भी होगी। गुरुवार से ही कार्रवाई का सिलसिला भी शुरू हो जाएगा। कानून के मुताबिक सरकार बस चलाएगी।
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