- त्योहारों का सीजन, 160 साल बादा अश्विन का अधिकमास, लीप ईयर के साथ होने से 5 माह का चातुर्मास
दैनिक भास्कर
Jul 02, 2020, 07:26 AM IST
झालावाड़. भगवान शिव का प्रिय श्रावण 6 जुलाई से शुरू होगा। इस महीने में हिंदू जहां शिव की आराधना करेंगे, वहीं मुस्लिम समाज ईद मनाएगा। जैन समाज के चातुर्मास भी 4 व 6 जुलाई से शुरू हो जाएंगे। चातुर्मास के लिए दिगंबर और श्वेतांबर संप्रदाय के संत मंदिरों व उपाश्रयों में अनुष्ठान करेंगे। इसके साथ ही त्योहारों का सीजन शुरू हो जाएगा। इस बीच आश्विन का अधिकमास भी है।
पंडित प्रदीप उपाध्याय के अनुसार 160 साल बाद आश्विन में अधिकमास आ रहा है। इसके कारण नवरात्रि, दशहरा, दीपावली एक महीने बाद ही मनाए जाएंगे। श्रावण के पहले ही दिन सोमवार है। 25 जुलाई को नागपंचमी रहेगी। श्रावण में हिंदू धर्मावलंबी व्रत, दर्शन-पूजन, अनुष्ठान करेंगे। एक जुलाई से हिंदू संतों का चातुर्मास शुरू होगा। मंदिरों और आश्रमों संतों द्वारा कथा-भागवत की जाएगी। इस बार चातुर्मास 5 महीने का रहेगा। 160 साल बाद आश्विन का अधिकमास अंग्रेजी के लीप ईयर के साथ आ रहा है।
31 जुलाई या 1 अगस्त को ईद-उल-अजहा
मुस्लिम समाज के अनुसार ईद-उल-अजहा 31 जुलाई या 1 अगस्त को होगी। यदि 29 चांद महीना हुआ तो 31 जुलाई और 30 का हुआ तो 1 अगस्त को ईद मनाई जाएगी।
चातुर्मास धार्मिक आयोजन नहीं होंगे
श्वेतांबर जैन समाज 4 जुलाई से और दिगंबर जैन समाज 6 जुलाई से चातुर्मास मनाएगा। कोरोना संक्रमण के कारण धार्मिक आयोजनों की अनुमति नहीं होने से केवल मंदिरों में ही संत विराजेंगे।
जुलाई: 5- गुरु पूर्णिमा, 6- श्रावण, 20- सोमवती अमावस्या, 25- नागपंचमी, 27- सवारी, 31 जुलाई-1 अगस्त बकरीद।
अगस्त: 3- रक्षाबंधन, 11-12 जन्माष्टमी, 15-16 जैन पर्यूषण शुरू, 21- हरतालिका तीज, 22- गणेश चतुर्थी स्थापना, 23- ऋषि पंचमी, 21- जल झूलनी एकादशी, 30 – मोहर्रम
सितंबर: 1- अनंत चतुर्दशी, श्राद्ध शुरू, 17- सर्व पितृ अमावस्या, 18- अधिकमास शुरू
अक्टूबर: 16- अधिकमास समाप्त, 17 नवरात्र, 24 नवरात्र की महाअष्टमी, 25 दशहरा, 31 कोजागरी
नवंबर: 12 धनतेरस, 14 दिवाली, 15 गोवर्धन पूजा, 19 जैन ज्ञान पंचमी, 26 देवोत्थान एकादशी
सूर्य और चंद्र वर्ष में 11 दिन का अंतर, हर तीन साल में एक महीने के बराबर
पंडित उपाध्याय ने बताया कि भारतीय गणना के अनुसार प्रत्येक सूर्य साल के 365 दिन और करीब 6 घंटे का होता है। चंद्र साल 354 दिनों का माना जाता है। दोनों वर्षों के बीच 11 दिनों का अंतर होता है, जो हर तीन वर्ष में 1 महीने के बराबर हो जाता है। इसी अंतर को पाटने के लिए हर तीन साल में एक चंद्रमास अस्तित्व में आता है, जिसे अधिकमास कहते हैं। अंग्रेजी कैलेंडर में भी चार साल में एक लीप ईयर आता है।
लीप ईयर में फरवरी में 28 की बजाय 29 तारीखें होती है। 2020 में लीप ईयर व अधिकमास दोनों एक साथ आए हैं। अश्विन का अधिक मास 2001 में आया था, लेकिन लीप ईयर के साथ 160 साल पहले 2 सितंबर 1860 में आया था। अधिकमास 18 सितंबर से 16 अक्टूबर तक रहेगा। अधिकमास के दौरान नामकरण, यज्ञोपवीत, विवाह और शुभ कार्य गृहप्रवेश, नई बहुमूल्य वस्तुओं की खरीदी आदि नहीं होती।
