315 People Killed By Lightning Strikes In Up And Bihar Since May 15, More Than 350 People Die In All Over India – यूपी और बिहार में बिजली गिरने से डेढ़ महीने में 315 लोगों की मौत, भारी जान-माल का नुकसान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 06 Jul 2020 12:31 PM IST

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उत्तर प्रदेश और बिहार में आकाशीय बिजली ने कहर बरपा रखा है। शनिवार को दोनों राज्यों मे बिजली गिरने की घटनाओं में कम से कम 49 लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोग घायल हुए हैं। यूपी और बिहार में 15 मई के बाद से अब तक आकाशीय बिजली गिरने से 315 लोगों की मौत हो चुकी है। 

आकाशीय बिजली से सबसे ज्यादा लोगों की मौत बिहार में हुई है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में पिछले डेढ़ महीने में कम से कम 253 और लोग बिजली गिरने से जान गंवा चुके हैं और 49 घायल हुए हैं जिनमें 90 फीसदी लोग यूपी और बिहार से हैं। 

देश में हर साल होती है 2,000 से 3,000 लोगों की मौत

  • भारत में हर साल कम से कम 2,000 से 3,000 मौतें आकाशीय बिजली और मूसलाधार बारिश के कारण होती हैं।
  • 2018 में पश्चिम यूपी, राजस्थान और हरियाणा में आकाशीय बिजली से कम से कम 100 लोगों की मौत हुई थी।
  • मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा 313 मौतें, महाराष्ट्र में 281 मौतें और ओडिशा 255 मौतें लगभग हर साल होती हैं। 
  • उत्तर प्रदेश और बिहार में बिजली गिरने से शनिवार को कम से कम 49 लोगों की मौत हुई।
  • बिहार के सात जिलों में शनिवार को भारी बारिश और गरज के साथ बिजली गिरने से 25 लोगों की जान चली गई।
  • बिहार में शनिवार को 40 से अधिक घायल हो गए। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। 
  • शुक्रवार को बिहार के विभिन्न जिलों में बिजली गिरने से 15 लोग मारे गए। 
  • बिहार में गुरुवार को आकाशीय बिजली गिरने से 26 लोगों की मौत हुई। 
  • मार्च से लेकर 26 जून तक बिहार में 212 लोगों की मौत हुई।
  • 26 जून को बिहार में सबसे अधिक 96 लोगों की मौत हुई। 
  • बिहार में 30 जून को 11 लोगों की मौत हुई।
  • बिहार में पिछले एक सप्ताह में 170 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। 
  • उत्तर प्रदेश में बिजली गिरने से शनिवार को कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई। 
  • मरने वालों में प्रयागराज के 10, पूर्वांचल के 14 लोग शामिल हैं। जबकि नौ लोग घायल हो गए।
  • बिहार में एक जून से दो जुलाई तक 66 फीसदी अधिक बारिश हुई।
  • बिहार में 24 जून से एक जुलाई तक 77 फीसदी अधिक वर्षा हुई। 
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश में इसी अवधि में 72 फीसदी अधिक वर्षा हुई।
  • 24 जून से एक जुलाई के बीच 79 फीसदी अधिक बारिश हुई।
शनिवार को मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पूर्वी राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में अगले 12 घंटों के दौरान तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना है।

आकाशीय बिजली से मरने वालों में ज्यादातर किसान और मजदूर हैं जो खेतों में कृषि-संबंधित काम कर रहे थे। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को हुए जानमाल के नुकसान पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। सीएम ने घायल व्यक्तियों के मुफ्त इलाज का आदेश दिया है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि तेज बारिश के कारण अधिक किसान अपनी धान की फसल के लिए मानसून का सबसे अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘इस साल बिहार और पूर्वी यूपी में बिजली गिरने की घटनाओं और मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है, क्योंकि इस क्षेत्र में जून में ही तीव्र बारिश देखी जा रही है। पिछले वर्षों में इस क्षेत्र में आमतौर पर जून में ऐसी बारिश नहीं होती थी।

सार

  • उत्तर प्रदेश और बिहार में आकाशीय बिजली का कहर
  • बिजली से शनिवार को यूपी-बिहार मे 49 लोगों की मौत
  • देश में हर साल दो हजार से तीन हजार लोगों की मौत
  • 2018 में तीन राज्यों में 100 लोगों की हुई थी मौत

विस्तार

उत्तर प्रदेश और बिहार में आकाशीय बिजली ने कहर बरपा रखा है। शनिवार को दोनों राज्यों मे बिजली गिरने की घटनाओं में कम से कम 49 लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोग घायल हुए हैं। यूपी और बिहार में 15 मई के बाद से अब तक आकाशीय बिजली गिरने से 315 लोगों की मौत हो चुकी है। 

आकाशीय बिजली से सबसे ज्यादा लोगों की मौत बिहार में हुई है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में पिछले डेढ़ महीने में कम से कम 253 और लोग बिजली गिरने से जान गंवा चुके हैं और 49 घायल हुए हैं जिनमें 90 फीसदी लोग यूपी और बिहार से हैं। 

देश में हर साल होती है 2,000 से 3,000 लोगों की मौत

  • भारत में हर साल कम से कम 2,000 से 3,000 मौतें आकाशीय बिजली और मूसलाधार बारिश के कारण होती हैं।
  • 2018 में पश्चिम यूपी, राजस्थान और हरियाणा में आकाशीय बिजली से कम से कम 100 लोगों की मौत हुई थी।
  • मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा 313 मौतें, महाराष्ट्र में 281 मौतें और ओडिशा 255 मौतें लगभग हर साल होती हैं। 
  • उत्तर प्रदेश और बिहार में बिजली गिरने से शनिवार को कम से कम 49 लोगों की मौत हुई।
  • बिहार के सात जिलों में शनिवार को भारी बारिश और गरज के साथ बिजली गिरने से 25 लोगों की जान चली गई।
  • बिहार में शनिवार को 40 से अधिक घायल हो गए। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। 
  • शुक्रवार को बिहार के विभिन्न जिलों में बिजली गिरने से 15 लोग मारे गए। 
  • बिहार में गुरुवार को आकाशीय बिजली गिरने से 26 लोगों की मौत हुई। 
  • मार्च से लेकर 26 जून तक बिहार में 212 लोगों की मौत हुई।
  • 26 जून को बिहार में सबसे अधिक 96 लोगों की मौत हुई। 
  • बिहार में 30 जून को 11 लोगों की मौत हुई।
  • बिहार में पिछले एक सप्ताह में 170 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। 
  • उत्तर प्रदेश में बिजली गिरने से शनिवार को कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई। 
  • मरने वालों में प्रयागराज के 10, पूर्वांचल के 14 लोग शामिल हैं। जबकि नौ लोग घायल हो गए।
  • बिहार में एक जून से दो जुलाई तक 66 फीसदी अधिक बारिश हुई।
  • बिहार में 24 जून से एक जुलाई तक 77 फीसदी अधिक वर्षा हुई। 
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश में इसी अवधि में 72 फीसदी अधिक वर्षा हुई।
  • 24 जून से एक जुलाई के बीच 79 फीसदी अधिक बारिश हुई।
शनिवार को मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पूर्वी राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में अगले 12 घंटों के दौरान तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना है।

आकाशीय बिजली से मरने वालों में ज्यादातर किसान और मजदूर हैं जो खेतों में कृषि-संबंधित काम कर रहे थे। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को हुए जानमाल के नुकसान पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। सीएम ने घायल व्यक्तियों के मुफ्त इलाज का आदेश दिया है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि तेज बारिश के कारण अधिक किसान अपनी धान की फसल के लिए मानसून का सबसे अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘इस साल बिहार और पूर्वी यूपी में बिजली गिरने की घटनाओं और मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है, क्योंकि इस क्षेत्र में जून में ही तीव्र बारिश देखी जा रही है। पिछले वर्षों में इस क्षेत्र में आमतौर पर जून में ऐसी बारिश नहीं होती थी।

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