- नेता विपक्ष ने कहा- कोरोना के कारण हालात चुनाव कराने लायक नहीं
- ‘राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था फेल, 75% लोगों को आयुष्मान भारत का कार्ड तक नहीं’
दैनिक भास्कर
Jul 07, 2020, 07:36 PM IST
पटना. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का कहना है कि कोरोना काल में बिहार विधानसभा चुनाव नहीं हो। मंगलवार को उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार पर कई सवाल उठाए। तेजस्वी ने पूछा कि क्या बिहार में लाशों के ढेर पर चुनाव होंगे। भयावह कोरोना के कारण हालात तो चुनाव कराने लायक नहीं हैं। राज्य में एक तरफ डिजिटल रैली शुरू हो गई, जबकि कोरोना पीड़ितों का ठीक से इलाज तक नहीं हो पा रहा है। आलम यह है कि अब यह सीएम हाउस तक पहुंच गया है।
जुलाई महीने में जो हालात हैं इससे ज्यादा बदतर अगस्त और सितंबर महीने में होने वाले हैं। फिर चुनाव की इतनी जल्दबाजी क्यों है। क्या नीतीश कुमार को इस बात का डर तो नहीं सता रहा कि देर होगी तो राष्ट्रपति शासन में चुनाव कराना पड़ेगा?
तेजस्वी ने नीतीश सरकार पर हमला करते हुए कहा कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था आईसीयू में है। केंद्र सरकार की डेटा बताती है कि बिहार हर क्षेत्र में फेल है। फार्मासिस्ट के 86 फीसदी पद, रेडियोग्राफी के 99 फीसदी और नर्सिंग स्टाफ के 44 फीसदी पद खाली हैं। आयुष्मान भारत योजना में 75 फीसदी आबादी का कार्ड तक नहीं बना है। एनआरएचएम ने बिहार को सबसे पीछे बताया है। ऐसे में सरकार को चुनाव से ज्यादा अपने लोगों की फिक्र होनी चाहिए।