दैनिक भास्कर
Jul 08, 2020, 10:11 AM IST
नई दिल्ली. छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में स्वास्थ्य कर्मियों ने मिसाल पेश की है। फोटो माकड़ी ब्लॉक मोहनबेड़ा गांव की है। यहां गाड़ी नहीं पहुंच सकती। एक महिला गर्भवती थी। उसकी हालत नाजुक थी। पति ने महतारी एक्सप्रेस को फोन लगाया। 102 नंबर से ईएमटी और पायलट मोहनबेड़ा के लिए गए। लेकिन रास्ता इतना खराब कि आगे जाना संभव नहीं था।
दोनों 3 किलोमीटर पैदल चले। वहां गांव वालों से मदद मांगी, फिर टोकरी और रस्सियों से डोला बनाया। परिवार वालों की मदद लेकर खुद भी डोला उठाया और तीन किलोमीटर पैदल चले, गाड़ी तक लाए। इसके बाद सरकारी अस्पताल पहुंचे, जहां डिलीवरी कराई गई। महिला ने बच्ची को जन्म दिया। दोनों स्वस्थ हैं।
मवेशियों को लेकर घरों की ओर निकले इनके मालिक

फोटो राजस्थान के सिरोही जिले के शिवगंज गांव की है। क्षेत्र में पिछले हफ्ते हुई बारिश की जानकारी मिलने पर गांवों से भेड़-बकरियों और ऊंटों को लेकर पशुपालक अब नोवी के ग्राम रोवाड़ा स्थित अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। ये सोमवार सुबह करीब 11 बजे चांदाना मार्ग से सलोदरिया होकर गुजरे। इससे पहले चांदाना स्थित एक कुएं पर सभी पशुपालकों ने अपने भेड़-बकरियों का ठहराव करवाया और चारे-पानी का इंतजाम किया।
मौसम सुहावना हुआ, तापमान में आई गिरावट

दिल्ली में मंगलवार को हल्की बारिश होने से मौसम का मिजाज बदल गया। दिनभर बादल छाए रहे। साथ ही ठंडी हवाएं भी चलीं। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून अभी पूरे जोर पर है । इस हफ्ते कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है।
फोटो खींचने वाले शाज बोले- पांच साल इंतजार किया

कर्नाटक के काबिनी के जंगल में दुर्लभ ब्लैक पैंथर की फोटो खींचने वाले वाइल्ड लाइफ फोटो ग्राफर शाज जंग इन दिनों चर्चा में हैं। शाज के मुताबिक, उन्होंने इस फोटो के लिए पांच साल तक रोज 12 घंटे इंतजार किया, तब जाकर उन्हें सफलता मिली। शाज काबिनी के जंगल में पाए जाने वाले इस विशेष पैंथर पर डॉक्यूमेंट्री बना रहे हैं।
सृजन: धान के पौथों से खेत में लिखा धोनी

रांची की आशा किसान की बेटी है। वह मध्य विद्यालय रेंडो कांके में 5वीं की छात्रा है। वह खेत में मां के साथ काम कर रही थी। उसे पता था कि आज उसके चहेते खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी का जन्मदिन है।उसने खेत में ही धान के पौधों से धोनी का नाम लिख कर बधाई दी।
कोसी की उपधारा में पलटी नाव, सवारी सुरक्षित

बिहार के कटिहार के केलाबाड़ी और नंदनपुर गांव के बीच नदी में नाव पलट गई। हालांकि, हादसा तट के करीब हुआ, इसलिए अनहोनी टल गई और नाव में सवार सभी लोग तैरकर बाहर आ गए। जिस जगह नाव पलटी वह महानंदा और कोसी में आई बाढ़ से बनी उपधारा है। नाव केलाबाड़ी से नंदनपुर ग्राम की ओर जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नाव पर 20 से अधिक लोग, 2 मोटर साइकिल और 3 साइकिल थीं।
अमृतधारा जल प्रपात की खूबसूरती बढ़ी, लेकिन इसे देखने कम ही लोग पहुंच रहे

छत्तीसगढ़ के बैकुंठपुर में 2 दिन से सावन की झड़ी लगी हुई है। इन दिनों हसदेव नदी उफान पर है। 16 अगस्त तक कोरोना के चलते सभी पिकनिक और पर्यटन स्थल पर धारा 144 लागू है, जिसके कारण बारिश के दौरान कम ही लोग अमृतधारा जल प्रपात की खूबसूरती देखने पहुंच रहे हैं। वहीं, प्रशासन ने यहां दुर्घटना रोकने के कोई इंतजाम नहीं किए हैं।
पिछले साल की तुलना में 82% ज्यादा बुआई

फोटो छत्तीसगढ़ के दुर्ग की है। इस बार जून में 276.7 मिमी बारिश हुई। बीते 10 साल में यह सबसे ज्यादा है। इससे किसानों के चेहरे खिल गए। 61% किसानों ने इस बारिश को देखकर खेतों में बुआई कर ली है। इस हिसाब से करीब 55 हजार हेक्टेयर में बुआई होना बाकी है। पिछले साल जुलाई की तुलना में 82% ज्यादा बुआई हुई है।
24 घंटे में हुई 9 इंच बारिश

गुजरात के कच्छ-सौराष्ट्र पर इंद्रदेव मेहरबान हैं। जामनगर-देवभूमि द्वारका जिलों में मंगलवार को भी 12 इंच तक बारिश हुई। फोटो सौराष्ट्र के जामनगर की है। यहां 24 घंटे में 9 इंच बारिश से आवासीय क्षेत्र की गलियां स्वीमिंग पूल सी नजर आईं। यहां सीजन की करीब 60% बारिश हो चुकी है। द्वारका में 100% के करीब आंकड़ा पहुंच गया है।
