KP Sharma Oli/Nepal Political Crisis Today Latest News Updates | Nepal Prime Minister Support Protest and Nepal Communist Party (NCP) leaders | 6 लगातार मुलाकातों के बावजूद मुख्य विरोधी प्रचंड को नहीं मना सके प्रधानमंत्री ओली, अब समर्थकों को सड़कों पर प्रदर्शन के लिए उतारा

  • नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के नेता भी मानने लगे हैं कि पार्टी और सरकार में संकट गहराने लगा है
  • ओली ने अब प्रचंड पर दबाव बनाने के लिए अपने समर्थकों को सड़कों पर प्रदर्शन करने को कहा

अनिल गिरी, काठमांडू से

Jul 09, 2020, 12:51 PM IST

नेपाल में जारी सियासी घमासान थमता नहीं दिख रहा। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली अपनी पार्टी एनसीपी में अकेले पड़ गए हैं लेकिन इस्तीफे को तैयार नहीं हैं। वहीं, उनके मुख्य विरोधी पुष्प कमल दहल उर्फ प्रचंड ओली के इस्तीफे से कम पर मानने को तैयार नहीं हैं। दोनों नेताओं के बीच 6 दौर की बातचीत हो चुकी है। हालांकि, मसला सुलझने के आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे। 
बुधवार को ओली ने एक और चाल चली। अपने समर्थकों को सड़कों पर प्रचंड के खिलाफ प्रदर्शन करने को कहा। हालांकि, वे स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग बुलाने से बच रहे हैं। 

2 घंटे बातचीत बेनतीजा
बुधवार को ओली और प्रचंड के बीच लगातार छठवें दिन 2 घंटे बातचीत हुई। बैठक के बाद पार्टी नेताओं ने साफ तौर पर माना कि ओली और प्रचंड में कोई समझौता नहीं हो सका। ओली कुर्सी नहीं छोड़ने तैयार नहीं हैं और प्रचंड इसी मांग पर अड़े हुए हैं। इसका असर सरकार के कामकाज पर पड़ रहा है। पार्टी प्रवक्ता नारायण काजी श्रेष्ठा ने कहा- दोनों नेताओं के बीच बातचीत जारी रहेगी। फिलहाल, वे किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके हैं। 

पार्टी को भरोसे में नहीं लेते ओली
ओली के विरोधियों का आरोप है कि वे हर मोर्चे पर नाकाम साबित हुए हैं। कोविड-19 पर सरकार काबू नहीं कर सकी। बाहर से लौटे नागरिकों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई। भारत और चीन के हालिया विवाद में उनका रवैया गलत था। भारत पर सरकार गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाकर उन्होंने दो बातें साफ कर दीं। पहली की वे चीन की तरफ झुक रहे हैं। दूसरी- कुर्सी बचाने के लिए वे गलतबयानी कर रहे हैं। 

अब नया दांव
ओली ने जब यह समझ लिया कि पार्टी में उनका विरोध बढ़ रहा है तो बुधवार को उन्होंने एक नई चाल चली। अपने समर्थकों से कहा कि वो प्रचंड के विरोध में सड़कों पर प्रदर्शन करें। कुछ समर्थक उतरे भी। हालांकि, उनका यह दांव इसलिए ज्यादा कामयाब नहीं हो सकेगा क्योंकि स्टैंडिंग कमेटी के 40 में से 30 से ज्यादा नेता उनका विरोध कर रहे हैं। इनमें माधव कुमार नेपाल, झालानाथ खनाल और बामदेव गौतम जैसे बड़े नेता शामिल हैं। इनके मुकाबले ओली के समर्थकों की संख्या बेहद कम है।

नेपाल की सियासत से जुड़ी ये खबरें भी आप पढ़ सकतें हैं…

1. नेपाल में प्रधानमंत्री के इस्तीफे पर सस्पेंस / प्रधानमंत्री ओली और विरोधी गुट के नेता प्रचंड के बीच बातचीत खत्म, स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग बुधवार तक टली

2. नेपाल की राजनीति में फैसले का वक्त / प्रधानमंत्री ओली ने कैबिनेट की बैठक में मंत्रियों से पूछा- साफ बताओ, किसकी तरफ हो, देश और पार्टी मुश्किल में है

3. नेपाल के पीएम पर इस्तीफे का दबाव / राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी से मिले प्रधानमंत्री ओली, इमरजेंसी कैबिनेट मीटिंग भी बुलाई गई

4. नेपाल के पीएम को दो दिन राहत / अब सोमवार को होगा प्रधानमंत्री ओली की किस्मत का फैसला, आज होने वाली स्टैंडिंग कमेटी की बैठक टली

5. नेपाल के पीएम पर भारी पड़ता भारत विरोध / कुर्सी बचाने के लिए नाराज नेताओं के घर पहुंचे प्रधानमंत्री ओली; इस्तीफे पर आज हो सकता है फैसला

6. नेपाल के पीएम को भारत विरोध भारी पड़ा / इस्तीफे की मांग के बीच ओली थोड़ी देर में देश को संबोधित करेंगे, राष्ट्रपति से मुलाकात की; बजट सत्र भी स्थगित

7. नेपाल के पीएम के साथ पाकिस्तान / इमरान ने ओली से फोन पर बातचीत का वक्त मांगा, ओली ने भारत पर सरकार गिराने की साजिश का आरोप लगाया था

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