अभिषेक पांचाल, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 21 Jul 2020 12:47 PM IST
कोरोना वायरस (फाइल फोटो)
– फोटो : पीटीआई
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दिल्ली में 27 जून से लेकर 10 जुलाई तक किए गए सीरो सर्वे अध्ययन की रिपोर्ट आ गई है। इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिल्ली की लगभग एक चौथाई आबादी कोरोना संक्रमित हो चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार इसमें 23.48% लोगों में कोरोना की एंटी बॉडी मिली है।
इसका मतलब यह हुआ कि राजधानी की करीब 24 फीसदी आबादी कोरोना से संक्रमित हो चुकी है। हालांकि इसमें बड़ी बात ये है कि इनमें से अधिकतर लोग बिना लक्षण वाले हैं।
किन लोगों पर हुआ था सर्वे
दिल्ली में सीरोलॉजी टेस्ट में उन लोगों को ही शामिल किया गया था, जिनमें कोई लक्षण नहीं थे। जिन्हें, पहले कोरोना नहीं हुआ था। इसमें अलग-अलग उम्र व इलाके के लोगों को शामिल किया गया है। दिल्ली के सभी 11 जिलों से कुल 21,387 सैंपल एकत्रित किए गए थे।
सभी सैंपल को नेशनल सेंटर फार डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) को भेज गया था। एनसीडीसी ने सैंपल की जांच करने के बाद ये रिपोर्ट सौंपी है। सर्वे की शुरुआत कंटेनमेंट जोन से हुई थी। इसके बाद धीरे-धीरे सभी जिलों में इसको किया गया।
क्या होंगे सर्वे के फायदे
सर्वे से यह पता लगा है कि संक्रमण कम्युनिटी में कितना फैला है। इससे इसको रोकने के लिए नए सिरे से रणनीति बनाई जा सकेगी। यह सर्वे नोडल अधिकारी की देखरेख में किया गया था। इन इलाकों में आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने लोगों से उनके विषय में जानकारी ली थी। इन लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए थे।
एक तरह का रैंडम सर्वे था जिसमें सभी जिलों से लिए गए सैंपल
यह एक तरीके का रैंडम सर्वे था, जिसमें अभी 11 जिलों में हर चौथे घर में से ब्लड सैंपल लिया गया। 11 जिलों में मिलाकर कुल 21,387 लोगों के सैंपल लिए गए। सरकार ने कहा है कि यह सर्वे दिल्ली के हालात जानने के लिए किए गए थे और इसका मतलब यह नहीं है कि सरकार कोरोना रोकने के अपने प्रयासों को धीमा कर दे। मास्क पहनना, सामाजिक दूरी का पालने करने जैसे निमयों का पालन अब भी करना पड़ेगा।
दिल्ली में 27 जून से लेकर 10 जुलाई तक किए गए सीरो सर्वे अध्ययन की रिपोर्ट आ गई है। इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिल्ली की लगभग एक चौथाई आबादी कोरोना संक्रमित हो चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार इसमें 23.48% लोगों में कोरोना की एंटी बॉडी मिली है।
इसका मतलब यह हुआ कि राजधानी की करीब 24 फीसदी आबादी कोरोना से संक्रमित हो चुकी है। हालांकि इसमें बड़ी बात ये है कि इनमें से अधिकतर लोग बिना लक्षण वाले हैं।
किन लोगों पर हुआ था सर्वे
दिल्ली में सीरोलॉजी टेस्ट में उन लोगों को ही शामिल किया गया था, जिनमें कोई लक्षण नहीं थे। जिन्हें, पहले कोरोना नहीं हुआ था। इसमें अलग-अलग उम्र व इलाके के लोगों को शामिल किया गया है। दिल्ली के सभी 11 जिलों से कुल 21,387 सैंपल एकत्रित किए गए थे।
सभी सैंपल को नेशनल सेंटर फार डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) को भेज गया था। एनसीडीसी ने सैंपल की जांच करने के बाद ये रिपोर्ट सौंपी है। सर्वे की शुरुआत कंटेनमेंट जोन से हुई थी। इसके बाद धीरे-धीरे सभी जिलों में इसको किया गया।
क्या होंगे सर्वे के फायदे
सर्वे से यह पता लगा है कि संक्रमण कम्युनिटी में कितना फैला है। इससे इसको रोकने के लिए नए सिरे से रणनीति बनाई जा सकेगी। यह सर्वे नोडल अधिकारी की देखरेख में किया गया था। इन इलाकों में आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने लोगों से उनके विषय में जानकारी ली थी। इन लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए थे।
एक तरह का रैंडम सर्वे था जिसमें सभी जिलों से लिए गए सैंपल
यह एक तरीके का रैंडम सर्वे था, जिसमें अभी 11 जिलों में हर चौथे घर में से ब्लड सैंपल लिया गया। 11 जिलों में मिलाकर कुल 21,387 लोगों के सैंपल लिए गए। सरकार ने कहा है कि यह सर्वे दिल्ली के हालात जानने के लिए किए गए थे और इसका मतलब यह नहीं है कि सरकार कोरोना रोकने के अपने प्रयासों को धीमा कर दे। मास्क पहनना, सामाजिक दूरी का पालने करने जैसे निमयों का पालन अब भी करना पड़ेगा।
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Tue Jul 21 , 2020
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