पटना29 मिनट पहले
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पटना एम्स के बाहर नारेबाजी करतीं नर्सें।
- नर्सों की मांग है कि समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए
- नर्सें एम्स के गेट के बाहर जमा हो गई और नारेबाजी कर रही हैं
पटना के कोरोना डेडिकेटेड अस्पताल एम्स में काम करने वाली करीब 800 नर्सों ने गुरुवार सुबह से हड़ताल कर दी। नर्सें एम्स में कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहीं हैं। नर्सों ने वेतन वृद्धि और जॉब सिक्योरिटी की मांग की। नर्सों की मांग है कि समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए।
नर्सें एम्स के गेट के बाहर जमा हो गई हैं और नारेबाजी कर रही हैं। नर्सों के हड़ताल का असर अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज पर पड़ा है। नर्सों की मांग है कि उनकी सेवा नियमित की जाए, वेतन वृद्धि हो और सेवा शर्तों में बदलाव हो। एम्स प्रशासन और नर्सों के संघ के बीच बातचीत चल रही है।
हमें नहीं मिल रही कोई सुरक्षा
एक नर्स ने बताया कि हम लोगों की ड्यूटी कोरोना मरीजों के वार्ड में लगी है। हम लोग कोरोना के मरीजों की देखभाल कर रहे हैं, लेकिन कोई जॉब सिक्योरिटी नहीं है। सरकार ने कोरोना के मरीजों के इलाज में लगे स्वास्थ्य कर्मियों का वेतन बढ़ाया है, लेकिन हमलोगों को इसका लाभ नहीं मिला है। अगर हमलोगों की नौकरी चली जाती है तो हमारे पास यह दिखाने के लिए कोई डॉक्यूमेंट नहीं है कि हमने एम्स में काम किया है। मेरे साथ काम करने वाली नर्सें कोरोना की शिकार हुईं हैं उनके लिए भी सुविधा नहीं है। हमारे परिवार के लिए भी कोई सुरक्षा नहीं है।
एम्स प्रशासन ने नर्सों से कहा- काम पर लौटें नहीं तो होगी कार्रवाई
एम्स प्रशासन ने हड़ताल कर रहीं नर्सों से काम पर लौटने को कहा है। प्रशासन ने कहा कि कोरोना महामारी से निपटने के प्रयासों को किसी को खतरे में डालते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ हम कार्रवाई करने को मजबूर होंगे। एम्स कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे किसी कर्मी को वर्तमान और निकट भविष्य में नहीं निकालने जा रहा है। नर्सों को एम्स के लेटर पैड पर एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
वर्तमान गाइडलाइन के अनुसार कॉन्ट्रैक्ट कर्मी या आउटसोर्स कर्मी और उनपर निर्भर परिवार के सदस्य को अगर कोरोना होता है तो उसका नि:शुल्क इलाज एम्स में होगा। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज से दिए जा रहे बीमा योजना में कोरोना के मरीज के इलाज में लगे किसी स्वास्थ्य कर्मी की मौत होने पर परिवार को 50 लाख रुपए देने का प्रावधान है। यह योजना कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स पर काम कर रहे कर्मियों पर भी लागू होती है।
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