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- Death Due To Medical Negligence In Patna Hospital Amid Coronavirus (Covid 19) Bihar Cases Numbers Rising
पटना15 मिनट पहले
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गुरुवार देर रात पीएमसीएच में बैंक कर्मी कोरोना मरीज की मौत हो गई।
- बेली रोड निवासी अभिषेक कुमार अपने बैंक कर्मी पिता के इलाज के लिए 12 घंटे तक भटकता रहा
- एम्स से लेकर आईजीआईएमएस के चक्कर काटे लेकिन बेड नहीं होने की बात कहकर किसी ने भर्ती नहीं किया
बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था का क्या हाल है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक बेटा अपने कोरोना पीड़ित पिता का इलाज कराने के लिए 12 घंटे तक दर-दर भटकता रहा। लेकिन, किसी अस्पताल ने उसे भर्ती नहीं लिया। कोरोना डेडिकेटेड एनएमसीएच से लेकर एम्स और निजी अस्पताल तक के चक्कर काटे लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। आखिर में हार कर पीएमसीएच पहुंचा तो वहां डॉक्टरों ने भर्ती तो लिया, लेकिन इलाज के अभाव में चंद मिनट बाद पिता की सांसें थम गई। अस्पताल वालों ने कह दिया कि पिता मर चुके हैं ले जाओ। बेटा अस्पताल के बाहर रोता रहा लेकिन सुनने वाला कोई नहीं।
मृतक के बेटा अभिषेक ने बताया कि पिता को कल देर शाम से ही एंबुलेंस से लेकर भटकते रहे। रात में एम्स गए तो वहां गेट पर रोककर पूछा कि क्या हुआ है। मैंने बोला कि हंफनी है तो बेड फुल की बात कहकर लौटा दिया। निजी अस्पताल पहुंचे तो वहां रिपोर्ट देखा और बोला कि बाहर बोर्ड लगा है देख लीजिए। बोर्ड पर लिखा था कोविड-19 के मरीजों का बेड फुल। आखिर में हारकर पीएमसीएच पहुंचा। यहां काफी देर तक तो रिपोर्ट को लेकर ही उलझे रहे। बाद में किसी तरह भर्ती तो लिया लेकिन इलाज के अभाव में पिता की मौत हो गई। पिता पब्लिक सेक्टर में थे लेकिन, किसी ने कोई मदद नहीं की। ये घटना बताती है कि यह कोरोना मरीज की मौत नहीं बल्कि बिहार में दम तोड़ता सिस्टम है।
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