न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, एर्नाकुलम
Updated Sat, 01 Aug 2020 12:46 PM IST
केरल सोना तस्करी मामला
– फोटो : social media
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केरल के सोने की तस्करी वाले मामले में आरोपी स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर को 21 अगस्त तक न्यायिक हिरासत के लिए भेज दिया गया है। इन दोनों आरोपियों का पहले कोविड-19 टेस्ट किया जाएगा और उसके बाद एर्नाकुलम जिले के जेल में दोनों आरोपियों का रखा जाएगा।
केरल का सोना तस्करी मामला काफी सुर्खियों में है, ऐसा इसलिए कि आरोपी स्वप्ना सुरेश का कनेक्शन मुख्यमंत्री पी विजयन से बताया गया है। इस कांड में वो अकेली नहीं है, इसके अलावा सीएम पी विजयन के ड्राइवर और चपरासी तक शामिल है। राज्यपाल की ओर से कई बार केंद्र सरकार और गृहमंत्री अमित शाह को चेताया गया।
इसके बाद गृहमंत्री अमित शाह ने इस मामले की जांच एनआईए को सौंप दी और इस मामले के आतंकवाद से जुड़े होने के बारे में पता लगाने के आदेश दिए। जिसके बाद एनआईए की रिपोर्ट में मामले के एक आरोपी के टेरर फंडिंग से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक तस्करी मामले का आरोपी केटी रमीज दक्षिण भारत में देश विरोधी गतिविधियों की फंडिंग में एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
क्या है केरल में सोने की तस्करी का मामला
यह पूरा मामला केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में यूएई के पता वाले डिप्लोमैटिक कार्गो से 30 किलो सोना चुराने का है। दावा किया गया था कि कार्गो के संबंध में स्वप्ना सुरेश ने एयरपोर्ट के अधिकारी से संपर्क साधा था। यूएई वाणिज्य दूतावास जनरल ऑफिस के उच्च कूटनीतिज्ञ राशिद खामिस अल शामली के कहने पर कथित तौर पर संपर्क किया गया था। तस्करी किए गए सोने की कीमत 15 करोड़ रुपये बताई गई है।
ये सोना उस कार्गो में छिपाया गया था जिसमें बिस्किट, नूडल्स, बाथरूम का सामान रखा जाता था, लेकिन कस्टम को तस्करी को लेकर पहले से सूचना मिल चुकी थी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने स्वप्ना सुरेश, फाजिल फरीद और संदीप नायर को इस मामले में आरोपी बनाया है। तीनों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम 1967 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
केरल के सोने की तस्करी वाले मामले में आरोपी स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर को 21 अगस्त तक न्यायिक हिरासत के लिए भेज दिया गया है। इन दोनों आरोपियों का पहले कोविड-19 टेस्ट किया जाएगा और उसके बाद एर्नाकुलम जिले के जेल में दोनों आरोपियों का रखा जाएगा।
केरल का सोना तस्करी मामला काफी सुर्खियों में है, ऐसा इसलिए कि आरोपी स्वप्ना सुरेश का कनेक्शन मुख्यमंत्री पी विजयन से बताया गया है। इस कांड में वो अकेली नहीं है, इसके अलावा सीएम पी विजयन के ड्राइवर और चपरासी तक शामिल है। राज्यपाल की ओर से कई बार केंद्र सरकार और गृहमंत्री अमित शाह को चेताया गया।
इसके बाद गृहमंत्री अमित शाह ने इस मामले की जांच एनआईए को सौंप दी और इस मामले के आतंकवाद से जुड़े होने के बारे में पता लगाने के आदेश दिए। जिसके बाद एनआईए की रिपोर्ट में मामले के एक आरोपी के टेरर फंडिंग से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक तस्करी मामले का आरोपी केटी रमीज दक्षिण भारत में देश विरोधी गतिविधियों की फंडिंग में एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
क्या है केरल में सोने की तस्करी का मामला
यह पूरा मामला केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में यूएई के पता वाले डिप्लोमैटिक कार्गो से 30 किलो सोना चुराने का है। दावा किया गया था कि कार्गो के संबंध में स्वप्ना सुरेश ने एयरपोर्ट के अधिकारी से संपर्क साधा था। यूएई वाणिज्य दूतावास जनरल ऑफिस के उच्च कूटनीतिज्ञ राशिद खामिस अल शामली के कहने पर कथित तौर पर संपर्क किया गया था। तस्करी किए गए सोने की कीमत 15 करोड़ रुपये बताई गई है।
ये सोना उस कार्गो में छिपाया गया था जिसमें बिस्किट, नूडल्स, बाथरूम का सामान रखा जाता था, लेकिन कस्टम को तस्करी को लेकर पहले से सूचना मिल चुकी थी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने स्वप्ना सुरेश, फाजिल फरीद और संदीप नायर को इस मामले में आरोपी बनाया है। तीनों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम 1967 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
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