spacex Dragon Crew departs for Earth fromInternational Space Center, 63 days later, two American astronauts will return from space | 45 साल बाद समुद्र में लैंड होगा अमेरिकी स्पेसशिप, 9 साल पहले स्पेस में भेजे फ्लैग के साथ 63 दिन बाद वापसी करेंगे दो एस्ट्रोनॉट

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वॉशिंगटन12 मिनट पहले

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क्रू ड्रैगन की यह तस्वीर नासा की ओर से शनिवार को जारी की गई। इसमें ड्रैगन कैप्सूल इंटरनेशनल स्पेस सेंटर से धरती के लिए रवाना होता नजर आ रहा है।

  • फ्लोरिडा में तूफान की चेतावनी के बावजूद स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन भारतीय समयानुसार रविवार सुबह 5 बजे आईएसएस से रवाना हुआ
  • आईएसएस पर रहने के दौरान ड्रैगन कैप्सूल से आईएसएस पहुंचे एस्ट्रोनॉट रॉबर्ट बेनकेन और डगलस हर्ले ने 100 घंटे अंतरिक्ष में काम किया

अमेरिकी अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स का क्रू ड्रैगन कैप्सूल इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) से धरती के लिए रवाना हो गया है। नासा ने एक वीडियो जारी कर इसकी जानकारी दी। वीडियो में स्पेसएक्स आईएसएस से निकलता हुआ नजर आ रहा है। फ्लोरिडा में साइक्लोन की चेतावनी के बावजूद यह भारतीय समयानुसार रविवार सुबह 5 बजे आईएसएस से रवाना हुआ। इसके रविवार रात 12 बजे के करीब धरती पर पहुंचने की संभावना है।

इससे दो अमेरिकी एस्ट्रोनॉट रॉबर्ट बेनकेन और डगलस हर्ले की करीब 63 दिन बाद धरती पर वापसी होगी। दोनों एस्ट्रोनॉट अपने साथ एक अमेरिकन फ्लैग लेकर लौटेंगे, जिसे 9 साल पहले अंतरिक्ष में भेजा गया था।

45 साल बाद कोई अमेरिकी स्पेसशिप समुद्र की सतह पर उतरेगा। इसे अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की भाषा में स्प्लैश लैंडिंग कहा जाता है। इससे पहले 24 जुलाई 1975 को अपोलो सोयूज टेस्ट प्रोजेक्ट के तहत ऐसा किया गया था। यह स्पेस मिशन अमेरिका और सोवियत यूनियन ने मिलकर लॉन्च किया था।

मई में अंतरिक्ष में भेजा गया था स्पेसएक्स

30 मई की रात करीब 1 बजे (भारतीय समयानुसार) अमेरिका के कैनेडी स्पेस सेंटर से क्रू ड्रैगन को फॉल्कन-9 रॉकेट के जरिए लॉन्च किया गया था। 19 घंटे बाद यह आईएसएस पहुंच गया था। इस मिशन को ‘क्रू डेमो-2’ और रॉकेट को ‘की ड्रैगन’ नाम दिया गया। 21 जुलाई 2011 के बाद पहली बार अमेरिकी धरती से कोई मानव मिशन अंतरिक्ष में भेजा गया था। यह स्पेस मिशन अमेरिका के लिए अहम हैं।

बेनकेन और हर्ले ने चार बार स्पेसवॉक किया
62 दिनों तक आईएसएस पर रहने के दौरान ड्रैगन कैप्सूल से आईएसएस पहुंचे एस्ट्रोनॉट बेनकेन और हर्ले ने 100 घंटे अंतरिक्ष में काम किए। इन्होंने चार बार स्पेसवॉक किया। अंतरिक्ष से लोगों से बातचीत के कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। दोनों एस्ट्रोनॉट ने आईएसएस के पावर ग्रिड में नई बैट्रियां लगाने और हार्डवेयर से जुड़े दूसरे कामों में मदद की।

समुद्र में लैंडिंग के लिए सात जगह चुने गए हैं

क्रू ड्रैगन फ्लोरिडा के पास समुद्र में उतर सकता है। इसके लिए फ्लोरिडा के कोस्ट पर सात जगहों की पहचान की जा चुकी है। इनमें पेंसाकोला, टैंपा, टैलाहैसी, पनामा सिटी, केप कैनवरल, डायटोना और जैक्सनविल कोस्ट शामिल हैं। हालांकि, मौसम को देखते हुए लैंडिंग से करीब दो से ढाई घंटे पहले इसके बारे में अंतिम फैसला किया जाएगा। लैंडिंग के लिए स्पेसक्राफ्ट में चार पैराशूट लगाए गए हैं।

इसायस साइक्लोन पर है वैज्ञानिकों की नजर

फ्लोरिडा के तट पर लैंडिंग में इसायस साइक्लोन से कुछ दिक्कत हो सकती है। शनिवार को इस चक्रवात का असर बहामास में नजर आया था। फिलहाल यह फ्लोरिडा की ओर बढ़ गया है। ऐसे में वैज्ञानिकों की इस पर नजर है। शनिवार को एस्ट्रोनॉट हर्ले ने इस साइक्लोन का आसमान से लिया गया फोटो ट्वीट किया। उन्होंने इसके साथ लिखा -उम्मीद है कि इसके रास्ते में आने वाले लोग सुरक्षित रहेंगे और इससे धरती पर हमारी वापसी में कोई रुकावट नहीं होगी।

20 साल से आईएसएस मिशन पर काम चल रहा था

  • नासा 2000 के दशक की शुरुआत से ही आईएसएस पर मिशन पर काम कर रहा है। हालांकि, 2011 में उसने अपने रॉकेट से यह लॉन्चिंग करना बंद कर दी थी। इसके बाद इसके बाद अमेरिकी स्पेसक्राफ्ट रूस के रॉकेटों से भेजे जाने लगे।
  • रूसी रॉकेट से लॉन्चिंग का खर्च लगातार बढ़ रहा था, ऐसे में अमेरिका ने स्पेसएक्स को बड़ी आर्थिक मदद देकर अंतरिक्ष मिशन के लिए मंजूरी दी। इस कंपनी ने 2012 में पहली बार अंतरिक्ष में अपना कैप्सूल भेजा।
  • स्पेसएक्स अमेरिकी बिजनेसमैन एलन मस्क की कंपनी है। इसकी स्थापना 2002 में की गई थी। इसका मकसद अंतरिक्ष में ट्रांसपोर्टेशन की लागत को कम करना है। साथ ही मंगल ग्रह पर इंसानी बस्तियां बनाना भी है।

स्पेस मिशन से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें:

1.11 दिन में तीसरा मंगल मिशन:अमेरिका का परसेवरेंस रोवर लॉन्च, मंगल पर ऑक्सीजन बनाना लक्ष्य; हाल ही में यूएई ने होप और चीन ने तियानवेन-1 सैटेलाइट लॉन्च किए थे

2.मंगल की तरफ कदम:चीन का रोवर मिशन टू मार्स लॉन्च, 6 पहियों वाला रोबोट तिआनवेन 1 रॉकेट से मंगल ग्रह की ओर रवाना किया

3. अरब के पहले अंतरिक्ष मिशन में महिला:यूएई के मिशन टू मार्स अभियान की कमांड सारा अल-अमीरी के हाथ में, इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने पर गर्व है उन्हें

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