optical fibre cable connecting Port Blair and Chennai | आखिर क्या खास है समुद्र के नीचे बिछी ऑप्टिकल फाइबर केबल में

नई दिल्ली: आखिर क्या खास है समुद्र के नीचे बिछी ऑप्टिकल फाइबर केबल में और क्यों ये देश के लिए जरूरी है. भारत में आज अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के लिए समुद्र के नीचे बिछी ऑप्टिकल फाइबर केबल सुविधा शुरू की गई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेन्नई और पोर्ट ब्लेयर को जोड़ने वाली सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) का उद्घाटन किया. यहां रोचक सवाल ये है कि समुद्र के नीचे आखिर इसे कैसे बिछाया गया है और इस रोचक तकनीक के बारे में जानना भी आपके लिए जरूरी है.

चेन्नई से अंडमान में समंदर के अंदर 2,300 किलोमीटर सबमरीन ऑप्टिकल केबल बिछाई गई है. इसके लिए भारत ने खुद चेन्‍नई से पोर्ट ब्‍लेयर के बीच अंडर-सी केबल लिंक तैयार किया और अब भारत को समुद्र के भीतर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के लिए किसी और देश की जरूरत नहीं है.

अब ये समझें कि इसे कैसे बिछाया गया है. भारत में समुद्र में केबल बिछाने के लिए अलग जहाजों का इस्तेमाल किया गया.

इन जहाजों में खास उपकरण इस्तेमाल होता है. ये आसानी से 2,000 किलोमीटर लंबी केबल ले जा सकते हैं. जहां से केबल बिछाई जाती है, वहां इस उपकरण का इस्तेमाल किया जाता है और यह जहाज के साथ-साथ चलता है.

केबल बिछाने के लिए स्पेशल इक्विपमेंट से केबल के लिए रास्ता यानी पथ तैयार किया जाता है. यहीं से केबल जुड़ी होती है. इसी के साथ फिर केबल बिछाई जाती है जिससे सिग्‍नल स्‍ट्रेंथ मजबूत रहे उसके लिए रिपीटर लगाए जाते हैं.

जहां केबल खत्म होती है वहीं से केबल को उठाकर ऊपर कनेक्टिंग पॉइंट पर जोड़ते हैं और आगे की प्रकिया की जाती है. अब इस केबल से पोर्ट ब्‍लेयर, स्‍वराज द्वीप, लिटल अंडमान, कार निकोबार, कमोरटा, ग्रेट निकोबार, लॉन्‍ग आइलैंड और रंगत को भी जोड़ा जा सकेगा.

चेन्नई से अंडमान में समंदर के अंदर 2,300 किलोमीटर बिछाई की यह  सबमरिन ऑप्टकल केबल का खर्च 1,224 करोड़ आया है. लेकिन इसकी कीमत को देख कर आपको हैरानी हो रही है तो इसके फायदे एक बार सुन लें कि किस तरह एक बड़े बदलाव की तरफ भारत ने यह कदम उठाया है.

होंगे ये फायदे
इसका सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि इस ऑप्टिकल फाइबर  के कारण  ब्रॉडबैंड इंटरनेट की स्पीड बढ़ 10 गुना बढ़ जाएगी.

इसी के साथ अब यहां पर यूजर 20 गुना ज्यादा डाटा भी डाउनलोड करने की सुविधा पा सकेंगे.

तकनीक की इस तेज दुनिया में भारत ने अपने भौगोलिक रूप से खास जगह को इंटरनेट से जोड़ के डिजिटल इंडिया के तरफ कदम ताल को तेज किया है. इस सुविधा के बाद अब 100 एमबीपीएस तक की स्पीड से अंडमान में बदलाव की क्रांति आएगी.

बीएसएनएल के सभी प्लान की स्पीड 2-10 गुना तक बढ़ जाएगी और आजकल सबसे महत्वपूर्ण डाटा डाउनलोडिंग की सुविधा भी एक महीने में 60 जीबी से 1500 जीबी तक पहुंच जाएगी.

अंडमान के लिए क्या नया 
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कदम से दूरसंचार और ब्रॉडबैंड संपर्क सुविधा  अंडमान निकोबार द्वीप क्षेत्र में बेहतर होगी. इससे पर्यटन और रोजगार सृजन को गति मिलने में मदद मिलेगी और नए दरवाजे खुलेंगे. प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे अर्थव्यवस्था में मजबूती आएगी और लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा और अब यह जगहें बेहतर कनेक्टिविटी से टेलीमेडिसिन और टेली-एजुकेशन की तरफ जाएंगी.

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