पटना28 मिनट पहले
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- पीएमसीएच में भर्ती पति बाेला- लग रहा डर, यहां भी हाे सकती है हत्या
ऑनर किलिंग के मामले में घायल पीड़िता पीएमसीएच में कड़ी सुरक्षा में इलाजरत हैं। उसकी बांह में गोली लगी है। उसे इस बात की तकलीफ है कि उसके पति शिशुपाल को गोली लगी है। उसके ससुर सत्येंद्र सिंह यादव की माैत हो गई है। तकलीफ से ज्यादा उसे इस बात का गुस्सा है कि उसके पिता और चाचा ने मिलकर उसका घर बसने से पहले ही उजाड़ने की कोशिश की।
रोते हुए कहती है-कोर्ट मेरे पिता, दादा और चाचा को कड़ी से कड़ी सजा दे। कभी जेल से निकलने न दे। पीड़िता बोली- मेरे पिता तो मुझे एक साल पहले ही मारने की प्लानिंग कर चुके थे। तभी तो हम शिशुपाल के साथ भाग गए थे। मैं आठवीं तक ही पढ़ी हूं। जब मेरे प्रेम प्रसंग की जानकारी घर में हुई तो माता-पिता ने मेरी पढ़ाई छुड़वा दी थी। मेरी शादी की बात करने लगे थे। मैं शिशुपाल से ही शादी की जिद पर अड़ गई तो मेरी हत्या की प्लानिंग करने लगे। इसके बाद हम शिशुपाल के साथ भाग गए और समस्तीपुर के मंदिर में शादी कर ली।
पहले पिता, फिर दादा ने चलाई गाेली
पीड़िता बोली- हम बाढ़ कोर्ट से रिमांड होम जा रहे थे। गाड़ी में मैं, एक महिला सिपाही और ड्राइवर था। फोरलेन पर गाड़ी चढ़ी ही थी कि अचानक एक बाइक पीछे से आई और ड्राइवर को पिस्टल दिखाकर धमकाया। ड्राइवर ने गाड़ी धीमा किया। तब तक दूसरी बाइक भी आ गई। जिस बाइक पर मेरे पापा चंदन यादव बैठे थे। वो मेरी खिड़की के पास आए। साइड विंडो का शीशा खुला हुआ था।
उन्होंने पिस्टल निकाली और गोली चला दी। मैंने हाथ छाती पर रख ली नहीं तो गोली सीधे सीने में धंस जाती। पिता जी ने दूसरी गोली चलाई ताे मैं नीचे झुक गई। साथ बैठी महिला सिपाही जमीला खातून भी नीचे झुक गईं। लेकिन गोली के छर्रे से वो भी जख्मी हो गईं। उनके हाथ और कमर में हल्का जख्म है। गोली चलने के बाद जब ड्राइवर गाड़ी भगाने लगा तब मेरे दादा सुरेंद्र यादव ने गाड़ी पर पीछे से एक गोली चला दी।
लड़के ने कहा- घायल होने पर हम भागने लगे
घायल शिशुपाल ने कहा- बाढ़ कोर्ट ने मुझे और मेरी पत्नी को साथ रहने की इजाजत दे दी थी। कार से मेरी पत्नी आगे निकल गई। मैं पापा सत्येंद्र के साथ बाइक से पीछे पीछे आ रहा था। बख्तियारपुर मवेशी हाट के पास पहुंचे ही थे कि दो बाइक पर सवार पांच-छह लोगाें ने आकर घेर लिया। मेरी पत्नी के पिता, दादा और चाचा थे। ससुर ने मेरे पिता पर गोली चला दी। पिताजी घायल होकर गिर गए। मेरी पीठ पर एक गोली लगी।
पीछे मुड़कर देखे तो सब मिलकर मेरे पिता पर गोली बरसा रहे थे। दीना यादव, चंदन यादव, सुरेंद्र यादव, देवकरण यही लोग गोली चला रहे थे। मुझे डर है कि कहीं यहां आकर भी लड़की वाले मुझे मार न दे। पीड़िता को बाढ़ कोर्ट से रिमांड होम ले जा रही महिला हवलदार जमीला खातून ने कहा- हम वर्दी में थे फिर भी दुस्साहसी लोगों ने गोली चला दी।
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