Young farmer dies due to deteriorating health at farmers’ picket site, farmers started gathering in Manakalav | किसानों के धरनास्थल पर तबीयत बिगड़ने से युवा किसान की मौत, माणकलाव में जुटने लगे किसान

जोधपुर24 मिनट पहले

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माणकलाव में किसानों के धरना स्थल पर बैठा पुखराज(तीर का निशान)।

  • शव नहीं उठाने पर अड़े किसान नेता
  • मृतक किसान का शव फिलहाल एमडीएमएच की मोर्चरी में

आंदोलन कर रहे जोधपुर के किसान के माणकलाव गांव में धरनास्थल पर शुक्रवार देर रात एक युवा किसान की तबीयत बिगड़ने से इलाज के दौरान जोधपुर में मौत हो गई। युवा किसान की मौत का समाचार फैलते ही धरनास्थल पर अब किसान बड़ी संख्या में एकत्र हो रहे हैं। पांच अगस्त से धरना दे रहे किसानों ने जोधपुर में महापड़ाव डालने के लिए कूच किया था, लेकिन माणकलाव में ही उन्हें रोक दिया गया। दो दौर की वार्ता विफल रहने के बाद कल किसान तीसरे दौर की वार्ता के लिए आगे आए ही नहीं। वे महापड़ाव डालने पर अड़े हुए हैं।

युवा किसान नेता पुखराज की धरनास्थल पर तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।

युवा किसान नेता पुखराज की धरनास्थल पर तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।

किसान आंदोलन में धरनास्थल पर छात्र नेता व युवा किसान मांडियाई निवासी 22 वर्षीय पुखराज डोगीयाल पुत्र तेजाराम की रात में तबीयत बिगड़ने पर एमडीएम अस्पताल ले लाया गया जहां उसकी मौत हो गई। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष नरेश व्यास ने कहा कि धरने के दोरान तबीयत बिगड़़ने से पुखराज की हुई मृत्यु दुःखद है। भारतीय किसान संघ पुखराज के परिवार के साथ खड़ा है। सरकार की असंवेदनशीलता के चलते पहले ही क्षेत्र में किसानों ने आत्महत्या की है और अब सरकार की हठधर्मिता से धरने के दौरान तबीयत बिगड़ने से किसान की मृत्यु हुई है।

शनिवार को भी धूप में जुटे हैं किसान

5 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरने के बाद 25 अगस्त को जोधपुर डिस्कॉम एमडी ऑफिस के आगे महापड़ाव के लिए रवाना हुए किसान शनिवार को भी माणकलाव में चिलचिलाती धूप में भी जुटे हैं। उन्होंने प्रशासन की ओर से तीसरे दौर की वार्ता के निमंत्रण को नहीं माना। कलेक्टर व अधिकारी दिन भर उनका इंतजार करते रहे। बीच में मैसेज भी पहुंचाए। लेकिन किसान नहीं गए।

किसान नेताओं ने अगली रणनीति पर विचार विमर्श किया

किसान संघ ने यहीं पर बैठक बुलाकर अगली रणनीति पर विचार विमर्श किया। भारी पुलिस पहरे के बावजूद जिस तरह ओसियां, तिंवरी और उम्मेदनगर से माणकलाव पहुंचे उसी तरह यहां से जोधपुर जाने की योजना है। यहां किसानों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष नरेश व्यास ने कहा कि शनिवार सुबह तक हमारी मांगें नहीं मानी गई तो हम किसी भी तरह से जोधपुर महापड़ाव के लिए पहुंच जाएंगे।

मथानिया बाइपास से वाहनों के प्रवेश पर रोक
प्रदेश उपाध्यक्ष माणकलाल परिहार ने कहा कि सरकार किसानों की मांगों की अनदेखी कर रही है। इन्होंने कहा कि हम सरकार को मांगों पर कार्रवाई कर राहत देने के लिए मजबूर कर देंगे। इसके लिए किसानों को चाहे कितना लंबा धरना क्यों न देना पड़े। दूसरी ओर देर रात पुलिस ने मथानिया बाइपास से वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी। जोधपुर-फलोदी के बीच आने जाने वाले सभी वाहनों को मथानिया गांव होते पुरानी रोड से निकाल रहे हैं। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

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