Delhi Overtakes Mumbai As Corona Patient Crosses 70 Thousand In Capital – दिल्ली ने कोरोना संक्रमण में मुंबई को पीछे छोड़ा, राजधानी में मरीजों का आंकड़ा 70 हजार के पार

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Updated Thu, 25 Jun 2020 12:25 AM IST

कोरोना वायरस
– फोटो : सोशल मीडिया

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कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के मामले में दिल्ली अब मुंबई से आगे निकल चुकी है। बुधवार को दिल्ली सरकार ने राजधानी में मरीजों की संख्या 70 हजार से अधिक होने की पुष्टि की है। वहीं महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 69528 होने की जानकारी दी है। देश के इन दो बड़े महानगरों की आपस में तुलना की जाए तो दिल्ली में अब तक 70390 में से 41437 मरीज स्वस्थ्य हो चुके हैं जबकि 2365 मरीजों की मौत हो चुकी है।

मुंबई में कुल 69528 में से 37008 मरीज स्वस्थ्य हो चुके हैं। जबकि यहां 3964 लोगों की मौत हो चुकी है। इन आंकड़ों के आधार पर विशेषज्ञों का कहना है कि मुंबई की तुलना में दिल्ली कोरोना वायरस को लेकर काफी हद तक नियंत्रण की स्थिति में है। इसके पीछे वायरस का वह स्ट्रेन भी है जो दोनों महानगरों में अलग अलग देखने को मिला है। 

आईसीएमआर के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि दिल्ली और मुंबई दोनों महानगरों के बीच सबसे बड़ा अंतर रिकवरी दर और मृत्युदर है। मुंबई में अब तक दो से तीन तरह के स्ट्रेन मिल चुके हैं। जबकि दिल्ली में ए3आई स्ट्रेन है जोकि अब तक के अध्ययन में तीव्र कम साबित हुआ है। ऐसा क्यूं है? यह तो अब तक स्पष्ट नहीं है लेकिन स्ट्रेन अलग अलग होना सबसे बड़ा कारण हो सकता है। 

दरअसल दिल्ली में सबसे पहले कोरोना संक्रमित मरीज 2 मार्च को मिला था। जबकि मुंबई में पहला संक्रमित मरीज 11 मार्च को मिला था। इसी तरह दिल्ली में 12 मार्च को पहली मौत कोरोना वायरस से आरएमएल अस्पताल में एक महिला की हुई थी। जबकि मुंबई में पहली मौत 19 मार्च को हुई है। 
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में भले ही कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज मुंबई की तुलना में पहले सामने आए हैं लेकिन राजधानी में वायरस का एक रुझान देखने को मिला है जो कि धीमी गति से अब तक यहां पहुंचा है। 

पहले रोजाना 500 मरीज मिलते थे अब चार हजार मरीज मिल रहे हैं। जबकि मुंबई में इसके ठीक उल्टा देखने को मिला। वहां शुरूआत से ही मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही थी। उन्होंने बताया कि शुरूआत से ही मुंबई दिल्ली से करीब 15 दिन आगे चल रहा था। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी कई बार इसकी जानकारी सावर्जनिक मंच पर आकर दे चुके हैं। 

वहीं हैदराबाद स्थित सीसीएमबी के निदेशक डॉ. राकेश मिश्रा का मानना है कि कोरोना वायरस के पीक की ओर इशारा हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश में वायरस का पीक अलग अलग हिस्सों में अलग अलग समय पर देखने को मिल सकता है। चूंकि मुंबई में शुरूआत से ही कोरोना वायरस के मरीज बढ़ते आए हैं। 

ऐसे में यह कहा जा सकता है कि दिल्ली अब उस चरण पर पहुंच रहा है जिस पर मुंबई काफी दिन पहले पहुंच चुका है। फिलहाल मुंबई में रोजाना 1118 संक्रमित मरीज और 38 लोगों की मौत हो रही है। जबकि दिल्ली में यहां आंकड़ा करीब चार हजार संक्रमित मरीज और 60 से ज्यादा लोगों की मौत होने का है। 

सार

  • दिल्ली सरकार ने राजधानी में मरीजों की संख्या 70 हजार से अधिक होने की पुष्टि की है
  • महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 69528 होने की जानकारी दी है

विस्तार

कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के मामले में दिल्ली अब मुंबई से आगे निकल चुकी है। बुधवार को दिल्ली सरकार ने राजधानी में मरीजों की संख्या 70 हजार से अधिक होने की पुष्टि की है। वहीं महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 69528 होने की जानकारी दी है। देश के इन दो बड़े महानगरों की आपस में तुलना की जाए तो दिल्ली में अब तक 70390 में से 41437 मरीज स्वस्थ्य हो चुके हैं जबकि 2365 मरीजों की मौत हो चुकी है।

मुंबई में कुल 69528 में से 37008 मरीज स्वस्थ्य हो चुके हैं। जबकि यहां 3964 लोगों की मौत हो चुकी है। इन आंकड़ों के आधार पर विशेषज्ञों का कहना है कि मुंबई की तुलना में दिल्ली कोरोना वायरस को लेकर काफी हद तक नियंत्रण की स्थिति में है। इसके पीछे वायरस का वह स्ट्रेन भी है जो दोनों महानगरों में अलग अलग देखने को मिला है। 

आईसीएमआर के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि दिल्ली और मुंबई दोनों महानगरों के बीच सबसे बड़ा अंतर रिकवरी दर और मृत्युदर है। मुंबई में अब तक दो से तीन तरह के स्ट्रेन मिल चुके हैं। जबकि दिल्ली में ए3आई स्ट्रेन है जोकि अब तक के अध्ययन में तीव्र कम साबित हुआ है। ऐसा क्यूं है? यह तो अब तक स्पष्ट नहीं है लेकिन स्ट्रेन अलग अलग होना सबसे बड़ा कारण हो सकता है। 

दरअसल दिल्ली में सबसे पहले कोरोना संक्रमित मरीज 2 मार्च को मिला था। जबकि मुंबई में पहला संक्रमित मरीज 11 मार्च को मिला था। इसी तरह दिल्ली में 12 मार्च को पहली मौत कोरोना वायरस से आरएमएल अस्पताल में एक महिला की हुई थी। जबकि मुंबई में पहली मौत 19 मार्च को हुई है। 
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में भले ही कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज मुंबई की तुलना में पहले सामने आए हैं लेकिन राजधानी में वायरस का एक रुझान देखने को मिला है जो कि धीमी गति से अब तक यहां पहुंचा है। 

पहले रोजाना 500 मरीज मिलते थे अब चार हजार मरीज मिल रहे हैं। जबकि मुंबई में इसके ठीक उल्टा देखने को मिला। वहां शुरूआत से ही मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही थी। उन्होंने बताया कि शुरूआत से ही मुंबई दिल्ली से करीब 15 दिन आगे चल रहा था। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी कई बार इसकी जानकारी सावर्जनिक मंच पर आकर दे चुके हैं। 

वहीं हैदराबाद स्थित सीसीएमबी के निदेशक डॉ. राकेश मिश्रा का मानना है कि कोरोना वायरस के पीक की ओर इशारा हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश में वायरस का पीक अलग अलग हिस्सों में अलग अलग समय पर देखने को मिल सकता है। चूंकि मुंबई में शुरूआत से ही कोरोना वायरस के मरीज बढ़ते आए हैं। 

ऐसे में यह कहा जा सकता है कि दिल्ली अब उस चरण पर पहुंच रहा है जिस पर मुंबई काफी दिन पहले पहुंच चुका है। फिलहाल मुंबई में रोजाना 1118 संक्रमित मरीज और 38 लोगों की मौत हो रही है। जबकि दिल्ली में यहां आंकड़ा करीब चार हजार संक्रमित मरीज और 60 से ज्यादा लोगों की मौत होने का है। 

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