पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 22 से 26 अक्टूबर तक मनाए जाने वाले दुर्गा पूजा त्योहार के लिए गुरुवार को दिशा-निर्देशों की घोषणा की.
IANS | Updated on: 25 Sep 2020, 05:20:45 AM
ममता बनर्जी (Photo Credit: IANS)
कोलकाता:
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 22 से 26 अक्टूबर तक मनाए जाने वाले दुर्गा पूजा त्योहार के लिए गुरुवार को दिशा-निर्देशों की घोषणा की. ममता ने यहां नेताजी इंडोर स्टेडियम में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिस और पूजा समिति के आयोजकों से मुलाकात की. कोविड-19 महामारी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ममता ने पूजा आयोजकों को बताया कि राज्य सरकार इस साल अन्य मुफ्त सुविधाओं के साथ प्रत्येक पूजा समिति को 50,000 रुपये देगी. 2,500 से अधिक दुर्गा पूजन तो केवल कोलकाता पुलिस क्षेत्र में ही आयोजित किए जाते हैं. यह संख्या लोगों के घरों या परिसरों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों से अलग है.
चंदा इकट्ठा करना मुश्किल होगा
ममता बनर्जी ने कहा कि इस साल कोरोनावायरस महामारी के कारण दुर्गा पूजा समितियों के लिए चंदा इकट्ठा करना मुश्किल होगा. दुर्गा पूजा के आयोजन में राज्य की पूजा समितियों को आर्थिक परेशानी नहीं हो, इसके लिए सरकार ने प्रदेश की सभी पूजा समितियों को 50-50 हजार रुपये देने का फैसला किया है. ममता ने कहा, “हमने हर पंडाल में मुफ्त अग्नि-सुरक्षा व्यवस्था जैसी अन्य सुविधाओं के साथ प्रत्येक पूजा समिति को 50,000 रुपये देने का फैसला किया है. इस साल पूजा समितियों को नगर निगम और स्थानीय निकायों को कोई कर नहीं देना होगा.”
पूजा समितियों को बिजली बिल में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी
इसके अलावा ममता बनर्जी ने पंडालों को बिजली बिल में भी राहत दी है. ममता बनर्जी ने कहा कि इस साल पूजा समितियों को बिजली बिल में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी. त्योहार के दौरान कोविड-19 सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए राज्य के सभी निवासियों से अनुरोध करते हुए ममता ने कहा कि इस वर्ष समारोह अलग तरह से होंगे और लोगों को शारीरिक दूरी को लेकर वास्तव में सतर्क रहना होगा. उन्होंने हालांकि कहा कि उन्हें पंडाल जाने की अनुमति होगी. मुख्यमंत्री ने कहा, “त्योहार मनाते समय हमें वास्तव में सावधान रहने की जरूरत है. मैं सभी आयोजकों से अनुरोध करती हूं कि वे अपने पंडालों को अलग-अलग प्रवेश और निकास बिंदुओं के साथ जितना संभव हो उतना खुला रखें.”
पंडालों में प्रवेशद्वार पर सैनिटाइजर होना चाहिए
उन्होंने कहा कि पंडालों में प्रवेशद्वार पर सैनिटाइजर होना चाहिए और मास्क पहनना अनिवार्य रहेगा. नए नियमों के मुताबिक, इस साल दुर्गा पूजा पंडाल में किसी भी तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम की अनुमति नहीं होगी. इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी होगा. पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े त्योहार दुर्गा पूजा में अब करीब एक महीने का समय बचा है. ऐसे में कोविड-19 महमारी के मद्देनजर सादगी से उत्सव मनाने की तैयारियां पूरे शहर में शुरू हो गई हैं.
First Published : 25 Sep 2020, 05:20:45 AM
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