Nepal KP Sharma Oli Pushpa Kamal Dahal Prachanda | Nepal Political Crisis News and Updates Prime Minister KP Sharma Oli Pushpa Kamal Dahal Prachanda. | प्रधानमंत्री ओली और विरोधी गुट के नेता प्रचंड के बीच कल फिर होगी बातचीत, स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग भी बुधवार तक टली

  • प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और विरोधी नेता प्रचंड के बीच सोमवार को बातचीत बेनतीजा रही
  • स्टैंडिंग कमेटी की बैठक भी अहम थी, लेकिन इसे दो दिन के लिए टाल दिया गया है

अनिल गिरी, काठमांडू से

Jul 06, 2020, 05:58 PM IST

नेपाल में प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफे पर सोमवार को भी फैसला नहीं हो सका। सोमवार को दो अहम बातें हुईं। पहली- प्रधानमंत्री ओली और उनके मुख्य विरोधी प्रचंड के बीच करीब तीन घंटे चली बैठक बेनतीजा रही। मंगलवार को फिर दोनों नेता बातचीत करेंगे। दूसरी- स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग भी दो दिन टल गई है। अब यह बुधवार को होगी। 

सूत्रों के मुताबिक, ओली और प्रचंड के मतभेद कम नहीं हुए हैं। शनिवार, रविवार और सोमवार को भी दोनों नेताओं ने बातचीत की थी। लेकिन, कोई हल नहीं निकल सका। अब मंगलवार को दोनों फिर मिलेंगे। इस बातचीत में जो फैसला होगा उसके बाद बुधवार को स्टैंडिंग कमेटी उस पर विचार करेगी। 

क्यों टली स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग
हालिया वक्त में नेपाल की सियासत का यह सबसे अहम मोड़ है। ओली पर इस्तीफे का दबाव बढ़ता जा रहा है। कुर्सी बचाने के लिए वे हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। शायद यही वजह है कि शनिवार के बाद सोमवार को भी स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग बुधवार तक टाल दी गई। इस कमेटी में कुल 40 मेंबर हैं। 30 से ज्यादा ओली का इस्तीफा चाहते हैं। वहीं, कुछ सीनियर लीडर समझौता कराने की कोशिश कर रहे हैं। इसकी वजह पार्टी में टूट की आशंका है।

रविवार को नहीं निकला नतीजा
प्रचंड और ओली के बीच रविवार को भी बातचीत हुई थी। लेकिन, इसमें दोनों नेता किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सके। दूसरे शब्दों में कहें तो यह तय नहीं हो पाया कि ओली इस्तीफा देंगे या नहीं। सोमवार को भी यही कहानी दोहराई गई। विरोधी गुट ने रविवार को राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी से भी मुलाकात की। उनसे कहा कि वे सरकार के किसी असंवैधानिक फैसले को मंजूरी न दें। 

ओली की मुश्किल क्या?
प्रधानमंत्री की सबसे बड़ी मुश्किल पार्टी की स्टैंडिंग कमेटी का गणित है। यही तय करेगी कि ओली रहेंगे या जाएंगे। लेकिन, यहां उनका पलड़ा बेहद कमजोर है। कमेटी में कुल 44 मेंबर हैं। 30 से ज्यादा चाहते हैं कि ओली बिना वक्त गंवाए इस्तीफा दें। खास बात ये भी है कि ओली न सिर्फ प्रधानमंत्री हैं, बल्कि पार्टी के अध्यक्ष भी हैं। वे दोनों ही पद नहीं छोड़ना चाहते। पार्टी महासचिव बिष्णु पौडियाल को उम्मीद है कि मसला सुलझ जाएगा। सोमवार को स्टैंडिंग कमेटी की बैठक ऐन वक्त पर दो दिन के लिए टाल दी गई।

पार्टी टूट भी सकती है
माना जा रहा कि अगर ओली ने इस्तीफे से इनकार किया तो पार्टी टूट जाएगी। एक गुट ओली और दूसरा प्रचंड के साथ चला जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, रविवार को प्रचंड ने ओली से पार्टी अध्यक्ष पद छोड़ने को कहा ताकि सरकार बचाई जा सके। 

ओली से इसलिए नाराजगी
पार्टी नेता कई मुद्दों पर ओली से नाराज हैं। प्रधानमंत्री कोविड-19 से निपटने में नाकाम साबित हुए। भष्टाचार के आरोपों पर कार्रवाई नहीं की। एक बेहद अहम मुद्दा भारत से जुड़ा है। पार्टी नेता मानते हैं कि सीमा विवाद पर उन्होंने भारत से बातचीत नहीं की। वैसे भी ओली पार्टी के तीनों प्लेफॉर्म्स पर कमजोर हैं। सेक्रेटेरिएट, स्टैंडिंग कमेटी और सेंट्रल कमेटी में उनको समर्थन नहीं हैं। पार्टी के नियमों के मुताबिक, अगर इन तीन प्लेटफॉर्म पर नेता कमजोर होता है तो उसका जाना तय है।  

नेपाल में जारी सियासी घमासान से जुड़ी ये खबरें भी आप पढ़ सकते हैं…

1. नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने कहा- भारत पर प्रधानमंत्री ओली के आरोप बेबुनियाद, उन्हें फौरन इस्तीफा देना चाहिए
2. इस्तीफे की मांग के बीच ओली थोड़ी देर में देश को संबोधित करेंगे, राष्ट्रपति से मुलाकात की; बजट सत्र भी स्थगित
3.  इमरान ने ओली से फोन पर बातचीत का वक्त मांगा, ओली ने भारत पर सरकार गिराने की साजिश का आरोप लगाया था

4. राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी से मिले प्रधानमंत्री ओली, इमरजेंसी कैबिनेट मीटिंग भी बुलाई गई

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