Bangladesh Has Given Advice To Indian Soldiers, Do Not Kill Those Who Break The Law – बांग्लादेश ने दी भारतीय सैनिकों को नसीहत, कानून तोड़ने वालों को जान से न मारें

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका।
Updated Wed, 22 Jul 2020 12:56 AM IST

बीएसएफ (फाइल फोटो)
– फोटो : पीटीआई

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

चीन और नेपाल की सीमा पर तनाव की स्थितियों के बीच अब असम से लगी बांग्लादेश की सीमा पर भी तनाव की खबरें आ रही हैं। हालांकि यहां सीमा को लेकर कोई भौगोलिक विवाद नहीं है और मामला घुसपैठ और गैरकानूनी तरीके से सीमा पार करने को लेकर है, लेकिन बांग्लादेश ने इसे गंभीरता से लेते हुए वहां अपने सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है।

ताजा मामला पिछले दिनों गैरकानूनी तरीके से सीमा पार कर रहे बांग्लादेशी नागरिकों की बीएसएफ की गोलियों से हुई मौत को लेकर उठा है और बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने बीएसएफ को इसके लिए नसीहत दी है।      

बांग्लादेश ने सीमा पर भारतीय सैनिकों की गोलीबारी में मारे गए अपने देश के नागरिकों को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है और भारत पर द्विपक्षीय संधि को तोड़ने का आरोप लगाया है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन ने कहा है कि भारतीय सीमा पर चौकसी करते वक्त सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वो लोगों पर जानलेवा हथियारों से हमले न करें।

ऐसी स्थिति में बांग्लादेश ने भी ये फैसला किया है कि वह अपनी सीमा पर सुरक्षाबलों की संख्या और बढ़ाएगा ताकि उनके नागरिकों की सुरक्षा हो सके। मोमेन ने कहा कि बीएसएफ को कानून का पालन करवाने के लिए बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।

अगर कोई गैरकानूनी तरीके से सीमा पार कर रहा है और नियमों को तोड़ रहा है, तो सुरक्षाबलों को उन्हें पकड़कर हमारे हवाले करना चाहिए, लेकिन हमारे नागरिकों को जान से मारना सरासर गलत है और दोनों देशों के बीच हुई संधि का सीधे तौर पर उल्लंघन है।

दरअसल असम के करीमगंज में पिछले दिनों मवेशी चोरी के आरोप में तीन बांग्लादेशियों को मारे जाने की कथित घटना के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में मोमेन ने ये जानकारी दी और कहा कि हमारे लोगों को कहीं और से मवेशी चुराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि हमारे यहां मवेशियों की कोई कमी नहीं है।

दरअसल, ईद उल-अजहा के दौरान हर साल मवेशियों के चोरी की घटनाएं सामने आती हैं और बीएसएफ सीमा पर मवेशियों की तस्करी रोकने के लिए सख्त रवैया अपनाती है। हालांकि करीमगंज की घटना की जांच चल रही है, लेकिन बांग्लादेश ने बीएसएफ और भारतीय नागरिकों से कहा है कि वो बांग्लादेशी नागरिकों के प्रति अपना नजरिया बदलें और उनके साथ दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत ही व्यवहार करें।

मोमेन ने कहा है कि असम सीमा से लगे उन इलाकों की बांग्लादेश ने पहचान कर ली है, ये इलाका बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए इन इलाकों में और ज्यादा सुरक्षाबलों की तैनाती के बारे में फैसला लिया जा रहा है।

सार

  • विदेश मंत्री मोमेन ने कहा, अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए सीमा पर बढ़ाएंगे सुरक्षाबल
  • ‘कानून तोड़ने वालों को पकड़कर हमारे हवाले करें, जान न लें बीएसएफ के जवान’

विस्तार

चीन और नेपाल की सीमा पर तनाव की स्थितियों के बीच अब असम से लगी बांग्लादेश की सीमा पर भी तनाव की खबरें आ रही हैं। हालांकि यहां सीमा को लेकर कोई भौगोलिक विवाद नहीं है और मामला घुसपैठ और गैरकानूनी तरीके से सीमा पार करने को लेकर है, लेकिन बांग्लादेश ने इसे गंभीरता से लेते हुए वहां अपने सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है।

ताजा मामला पिछले दिनों गैरकानूनी तरीके से सीमा पार कर रहे बांग्लादेशी नागरिकों की बीएसएफ की गोलियों से हुई मौत को लेकर उठा है और बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने बीएसएफ को इसके लिए नसीहत दी है।      

बांग्लादेश ने सीमा पर भारतीय सैनिकों की गोलीबारी में मारे गए अपने देश के नागरिकों को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है और भारत पर द्विपक्षीय संधि को तोड़ने का आरोप लगाया है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन ने कहा है कि भारतीय सीमा पर चौकसी करते वक्त सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वो लोगों पर जानलेवा हथियारों से हमले न करें।

ऐसी स्थिति में बांग्लादेश ने भी ये फैसला किया है कि वह अपनी सीमा पर सुरक्षाबलों की संख्या और बढ़ाएगा ताकि उनके नागरिकों की सुरक्षा हो सके। मोमेन ने कहा कि बीएसएफ को कानून का पालन करवाने के लिए बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।

अगर कोई गैरकानूनी तरीके से सीमा पार कर रहा है और नियमों को तोड़ रहा है, तो सुरक्षाबलों को उन्हें पकड़कर हमारे हवाले करना चाहिए, लेकिन हमारे नागरिकों को जान से मारना सरासर गलत है और दोनों देशों के बीच हुई संधि का सीधे तौर पर उल्लंघन है।

दरअसल असम के करीमगंज में पिछले दिनों मवेशी चोरी के आरोप में तीन बांग्लादेशियों को मारे जाने की कथित घटना के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में मोमेन ने ये जानकारी दी और कहा कि हमारे लोगों को कहीं और से मवेशी चुराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि हमारे यहां मवेशियों की कोई कमी नहीं है।

दरअसल, ईद उल-अजहा के दौरान हर साल मवेशियों के चोरी की घटनाएं सामने आती हैं और बीएसएफ सीमा पर मवेशियों की तस्करी रोकने के लिए सख्त रवैया अपनाती है। हालांकि करीमगंज की घटना की जांच चल रही है, लेकिन बांग्लादेश ने बीएसएफ और भारतीय नागरिकों से कहा है कि वो बांग्लादेशी नागरिकों के प्रति अपना नजरिया बदलें और उनके साथ दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत ही व्यवहार करें।

मोमेन ने कहा है कि असम सीमा से लगे उन इलाकों की बांग्लादेश ने पहचान कर ली है, ये इलाका बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए इन इलाकों में और ज्यादा सुरक्षाबलों की तैनाती के बारे में फैसला लिया जा रहा है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

“Need to stop all this tamasha and fight for the important things,” says filmmaker Nikkhil Advani : Bollywood News

Tue Jul 21 , 2020
Actress Kangana Ranaut recently gave an explosive interview to a national news channel. The actress spoke about a range of topics including nepotism, favouritism, treatment of outsiders in the Hindi film industry. She also took names of several celebrities and accused them of running the ‘Bollywood Mafia’. In her interview, […]

Breaking News

Recent Posts