Special attention should be paid to the care and eating of children with disabilities | दिव्यांग बच्चों की देखभाल व खानपान पर रखे विशेष ध्यान

गोपालगंज4 घंटे पहले

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  • सीएस ने कहा- दिव्यांग बच्चों को व्यक्तिगत सफाई की आदत व हल्के व्यायाम के लिए करें प्रोत्साहित

कोरोना वायरस के समय दिव्यांग बच्चों का विशेष ख्याल रखना होगा।दिव्यांग बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है । ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने इनके लिए 11 बिंदुओं को बताया है।जिससे ये पूरी तरह से स्वास्थ्य रह सकते है।इनपर ध्यान रखना समाज की भी जिम्मेदारी है। ऐसे बच्चों के साथ हमेशा सहानुभूति से ही पेश आए। सीएस टीएन सिंह ने बताया कि इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने गाइड लाइन जारी किया है।इसे अपनाकर बच्चो को स्वास्थ्य रखा जा सकता है।
नियमित रूप से साफ सफाई रखने पर ध्यान: कोविड 19 महामारी को लेकर दिव्यांग बच्चों की नियमित साफ सफाई व हाथ धोने के नियमों का विशेष तौर पर पालन किया जाना है। दिव्यांग बच्चों को इधर उधर की सतहों को नहीं छूने का प्रशिक्षण देने के साथ उनके हाथों को नियमित सेनेटाइज करते रहना चाहिए। उनके हाथों को साबुन से नियमित 30 सेकेंड तक धोना चाहिए। नाखूनों को समय समय काटते रहें। मॉनसून के मौसम में उन्हें गुनगुने पानी से नहलायें। उनके बालों व सिर को शैंपू से नियमित साफ किया जाना चाहिए।

सफाई के तरीकों की जानकारी दें
दिव्यांग बच्चों को कुछ मूलभूत साफ सफाई के तरीके सिखाये जा सकते हैं। जैसे छींकने या खांसने आदि पर नाक व मुंह को ढंकना व साफ तौलिये, रूमाल या टिश्यू पेपर से आदि से साफ करना. वहीं अपने दिव्यांग बच्चों को अजनबी या बाहर से आने वाले लोगों के संपर्क से दूर रखना है। दिव्यांग बच्चों को भी एक मीटर की शारीरिक दूरी रखने की जानकारी देने व उसके पालन करवाने के लिए कहें। उनके नाश्ता अथवा भोजन का समय निर्धारण जरूरी है। रात का भोजन बच्चों को संध्या ढलने के साथ दें। देर रात खाना खाने से उनमें पाचन की समस्या हो सकती है।

खानपान में विटामिन व प्रोटीन करें शामिल
दिव्यांग बच्चों के पोषण में विटामिन, प्रोटीन व खनिज पदार्थों से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें. ताकि उनका समग्र विकास प्रभावित नहीं हो। उन्हें साफ ताजा भोजन दें। उनके भोजन में फल, दाल, अनाज, पत्तेदार सब्जी शामिल करें। साथ ही गुनगुने पानी में नींबू का रस मिला कर पीने को दें। बाहर से लाये गये या जंक फूड नुकसानदेह है और इससे दूसरी स्वास्थ्य समस्या हो सकती है। यदि उन्हें मांस या मछली देते हैं तो उसकी मात्रा का ध्यान रखें. दिव्यांग बच्चों में किसी खास भोजन से होने वाली एलर्जी की जानकारी ले।

हल्के व्यायाम के प्रति भी करें प्रोत्साहित
माता पिता अपने दिव्यांग बच्चों को सुबह सवेरे हल्के व्यायाम करने के लिए प्रोत्साहित करें। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार यदि बच्चे सुबह सवेरे हल्के व्यायाम करते हैं तो इससे उनका शरीर का वजन स्थिर रहेगा। व्यायाम किसी भी प्रकार का हो सकता है। जैसे सीढ़ी से ऊपर नीचे करना, या फिर कोई खेल। यह बच्चों की दिव्यांगता पर निर्भर करता है कि वे कैसा व्यायाम कर सकने में सक्षम हैं। माता पिता किसी फिजियोथेरेपिस्ट से भी शारीरिक व्यायाम की तकनीक की जानकारी ले सकते हैं।

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