न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Updated Sat, 08 Aug 2020 12:59 AM IST
बेरूत में हुए धमाके में ध्वस्त हुई इमारत
– फोटो : पीटीआई
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लेबनान की राजधानी बेरूत में भीषण धमाका जिस खतरनाक रसायन की वजह से हुआ वह रसायन भारी मात्रा में भारत के चेन्नई में भी मौजूद है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चेन्नई सीपोर्ट कस्टम में वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि यहां मनाली में करीब 740 टन अमोनियम नाइट्रेट एक कंटेनर फ्रेट स्टेशन में रखा है। जानकारी के अनुसार अमोनियम नाइट्रेट की इस खेप को साल 2015 में सलेम की एक कंपनी से जब्त किया था, जिसने इसका आयात किया था।
बता दें कि चार अगस्त की शाम को लेबनान की राजधानी बेरूत में ऐसा विस्फोट हुआ जिसने पूरे शहर को खंडहर में तब्दील कर दिया। बेरूत के बंदरगाह पर हुए धमाके ने पूरे शहर को मलबे में तब्दील कर दिया है। यह धमाका बंदरगाह पर स्थित एक गोदाम में आग लगने की वजह से हुआ जहां साल 2013 से करीब 2750 टन अमोनियम नाइट्रेट असुरक्षित तरीके से रखा था। इस धमाके में 150 से ज्यादा लोगों की जान गई है वहीं हजारों लोग घायल हुए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वरिष्ठ सीमा शुल्क अधिकारियों ने कहा कि ये सीएफएस एक सहायक सीमा शुल्क आयुक्त के प्रशासनिक नियंक्रण में हैं। इनका भंडारण सुरक्षा के सभी मानकों का ध्यान में रखते हुए किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि वह जल्द ही इसे नष्ट करने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके आयातक ने गलत जानकारी दी थी कि यह उर्वरक ग्रेड का है लेकिन यह विस्फोटक ग्रेड का था। इसीलिए इसे जब्त किया गया था।
दूसरी ओर तमिलनाडु पुलिस ने इस संबंध में एक अलर्ट भी जारी किया है। इसमें कहा गया है कि यह अमोनियम नाइट्रेट रसायन 37 कंटेनर में रखा गया है। इसके साथ ही खुफिया अधिकारियों को इस संबंध में तत्काल फैसले लेने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही सीमा शुल्क बोर्ड ने एन्नोर,तूतीकोरिन और कराईकाल समेत देश के सभी बंदरगाहों और गोदामों को 48 घंटे के अंदर अगर उनके पास विस्फोटकों का भंडार है तो उसकी जानकारी देने के लिए कहा है।
अमोनियम नाइट्रेट एक गंधहीन रसायनिक पदार्थ है जिसका उपयोग कई कामों में होता है। सामान्यत इसे दो कार्यों में सर्वाधिक उपयोग किया जाता है। पहला, खेती के लिए बनने वाले उर्वरक में और दूसरा निर्माण या खनन कार्यों में विस्फोटक के तौर पर।
- अमोनियम नाइट्रेट एक अत्यंत विस्फोटक रसायन है।
- यह अपने आप में विस्फोटक नहीं है लेकिन अनुकूल परिस्थितियों में ये ज्वलनशील पदार्थ है।
- आग लगने पर इसमें धमाका होता है और उसके बाद खतरनाक गैसें निकलती हैं जिनमें नाइट्रोजन ऑक्साइड और अमोनिया गैस प्रमुख हैं।
- क्योंकि यह रसायन बेहद ज्वलनशील होता है, इसलिए इसके रखरखाव के नियम भी काफी कड़े होते हैं।
- नियम यह है कि अमोनियम नाइट्रेट का भंडार हमेशा फायरप्रूफ गोदाम या स्थान पर होना चाहिए।
- जहां अमोनियम नाइट्रेट को रखा जाए वहां कोई भी नाला, पाइप या गटर नहीं होना चाहिए।
- विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमोनियम नाइट्रेट को उचित तरीके से रखा जाए तो यह अन्य रसायनों की तुलना में सुरक्षित है।
- हालांकि बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट लंबे समय तक रखा जाता है तो इसमें विघटन शुरू हो जाता है और आगे चलकर विस्फोटक साबित होता है।
लेबनान की राजधानी बेरूत में भीषण धमाका जिस खतरनाक रसायन की वजह से हुआ वह रसायन भारी मात्रा में भारत के चेन्नई में भी मौजूद है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चेन्नई सीपोर्ट कस्टम में वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि यहां मनाली में करीब 740 टन अमोनियम नाइट्रेट एक कंटेनर फ्रेट स्टेशन में रखा है। जानकारी के अनुसार अमोनियम नाइट्रेट की इस खेप को साल 2015 में सलेम की एक कंपनी से जब्त किया था, जिसने इसका आयात किया था।
बता दें कि चार अगस्त की शाम को लेबनान की राजधानी बेरूत में ऐसा विस्फोट हुआ जिसने पूरे शहर को खंडहर में तब्दील कर दिया। बेरूत के बंदरगाह पर हुए धमाके ने पूरे शहर को मलबे में तब्दील कर दिया है। यह धमाका बंदरगाह पर स्थित एक गोदाम में आग लगने की वजह से हुआ जहां साल 2013 से करीब 2750 टन अमोनियम नाइट्रेट असुरक्षित तरीके से रखा था। इस धमाके में 150 से ज्यादा लोगों की जान गई है वहीं हजारों लोग घायल हुए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वरिष्ठ सीमा शुल्क अधिकारियों ने कहा कि ये सीएफएस एक सहायक सीमा शुल्क आयुक्त के प्रशासनिक नियंक्रण में हैं। इनका भंडारण सुरक्षा के सभी मानकों का ध्यान में रखते हुए किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि वह जल्द ही इसे नष्ट करने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके आयातक ने गलत जानकारी दी थी कि यह उर्वरक ग्रेड का है लेकिन यह विस्फोटक ग्रेड का था। इसीलिए इसे जब्त किया गया था।
दूसरी ओर तमिलनाडु पुलिस ने इस संबंध में एक अलर्ट भी जारी किया है। इसमें कहा गया है कि यह अमोनियम नाइट्रेट रसायन 37 कंटेनर में रखा गया है। इसके साथ ही खुफिया अधिकारियों को इस संबंध में तत्काल फैसले लेने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही सीमा शुल्क बोर्ड ने एन्नोर,तूतीकोरिन और कराईकाल समेत देश के सभी बंदरगाहों और गोदामों को 48 घंटे के अंदर अगर उनके पास विस्फोटकों का भंडार है तो उसकी जानकारी देने के लिए कहा है।
क्या है अमोनियम नाइट्रेट…
अमोनियम नाइट्रेट एक गंधहीन रसायनिक पदार्थ है जिसका उपयोग कई कामों में होता है। सामान्यत इसे दो कार्यों में सर्वाधिक उपयोग किया जाता है। पहला, खेती के लिए बनने वाले उर्वरक में और दूसरा निर्माण या खनन कार्यों में विस्फोटक के तौर पर।
- अमोनियम नाइट्रेट एक अत्यंत विस्फोटक रसायन है।
- यह अपने आप में विस्फोटक नहीं है लेकिन अनुकूल परिस्थितियों में ये ज्वलनशील पदार्थ है।
- आग लगने पर इसमें धमाका होता है और उसके बाद खतरनाक गैसें निकलती हैं जिनमें नाइट्रोजन ऑक्साइड और अमोनिया गैस प्रमुख हैं।
- क्योंकि यह रसायन बेहद ज्वलनशील होता है, इसलिए इसके रखरखाव के नियम भी काफी कड़े होते हैं।
- नियम यह है कि अमोनियम नाइट्रेट का भंडार हमेशा फायरप्रूफ गोदाम या स्थान पर होना चाहिए।
- जहां अमोनियम नाइट्रेट को रखा जाए वहां कोई भी नाला, पाइप या गटर नहीं होना चाहिए।
- विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमोनियम नाइट्रेट को उचित तरीके से रखा जाए तो यह अन्य रसायनों की तुलना में सुरक्षित है।
- हालांकि बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट लंबे समय तक रखा जाता है तो इसमें विघटन शुरू हो जाता है और आगे चलकर विस्फोटक साबित होता है।
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